जिंतूर बस स्टेशन पर निजी वाहनों के लिए एक बेस बनाया गया है।
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जिंतूर बस स्टेशन पर स्थानीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण, बस स्टेशन का इलाका निजी वाहनों का अड्डा बन गया है। निजी वाहन मालिक इस क्षेत्र का अंधाधुंध इस्तेमाल कर रहे हैं। अब तो बस स्टेशन के पार्किंग स्थल में भी निजी वाहन खड़ा करना इन वाहन मालिकों के लिए मजाक बन गया है। ये निजी वाहन मालिक जिंतूर बस स्टेशन के शौचालय और पुराने बस स्टैंड के बीच के मैदान में अपने वाहन खड़ी कर देते हैं और यात्रियों से भर देते हैं। यह सिलसिला पिछले कई महीनों से चल रहा है और एसटी अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसलिए, अब ये निजी वाहन मालिक बस स्टेशन भवन के बस पार्किंग स्थल में भी अपने वाहन खड़ी कर रहे हैं।बस चालक इसका इस्तेमाल नहीं करता। सभी बसें बस स्टेशन के सामने वाले मैदान में खड़ी रहती हैं। अधिकारी भी इस पर आंखें मूंद लेते हैं। बसों के रास्ते में न होने के कारण यात्रियों को पता नहीं चलता कि कौन सी बस कहां जा रही है। हर बस के पीछे एक बोर्ड लगा होता है जिस पर बस के गंतव्य का उल्लेख होता है।

यात्री उन्हें ढूंढने के लिए इधर-उधर भागते हैं। परभणी के वरिष्ठ अधिकारी कभी-कभार जिंतूर बस स्टेशन का दौरा करते हैं। उनके सामने भी बसें कतार में नहीं, बल्कि खुले मैदानों में खड़ी दिखाई देती हैं। लेकिन ये अधिकारी भी इस दृश्य को अनदेखा करने का नाटक करते हैं।
लोक भारत टिवी मुख्य संपादक मिर्जा इद्रीस बेग
10/12/25




