परभणी में जन सुरक्षा अधिनियम के खिलाफ संघर्ष समिति और भारत अघाड़ी का विशाल विरोध प्रदर्शन
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परभणी (संवाददाता) (मिर्जा इद्रीस बेग)
महाराष्ट्र विशेष जनस्रक्षक विधेयक २०२४ रद्द करने की मांग को लेकर बुधवार १० सितंबर को परभणी जिलाधिकारी कार्यालय के सामने जनसुरक्षा कायदा विरोधी संघर्ष समिती व इंडिया आघाडी की ओर से धरणे आंदोलन किए गए. इन समय जिलाधिकारी मार्फत मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र शासन को ज्ञापन सादर किया गया.इस आंदोलन में भारत आघाड़ी, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भाकपा (माले), शेकाप, समाजवादी जन परिषद, भारत जोड़ो अभियान, मानव मुक्ति मिशन, ए.एन.एस., शांति एवं न्याय आंदोलन सहित विभिन्न विपक्षी संगठनों ने भाग लिया। ज्ञापन मे कहा गया है की, यह विधेयक घटना विरोधी और लोकशाही के लिए बाधक है. राज्य भर में इस विधेयक के विरोध में तकरीबन १३ हजार हरकती दाखल हुए है. उसमे से ९,५०० मे विधेयक रद्द करने की मांग की गयी थी. इतने बड़े पैमाने पर हुए विरोध को नजरअंदाज कर सरकार ने पाशवी बहुमत के जोर पर यह कायदा मंजूर किया, ऐसा आरोप इस अवसर पर किया गया. इस आंदोलन मे पूर्व विधायकबाबाजानी दुर्रानी, पूर्व विधायक विजय गवाने, पूर्व सांसद तुकाराम रेंगे पाटिल, तहसीन अहमद खान, सलाहकार। माधुरी क्षीरसागर, कर्ता कुमार बुरांडे, मारोत्राओ मोर्टडे, सोनालीताई देशमुख, भगवानराव वाघमारे, रवि सोनकांबले, उद्धव शिंदे, अंबिका दहाले, दुर्रानी खानम,
इस मौके पर रवींद्र धर्मे, नदीम इनामदार, अब्दुल माजिद, सुहास पंडित, भीम प्रकाश गायकवाड़, अमोल जाधव, साजी अहमद खान, रामराव घाडगे, कर्नल ओंकार पवार, पप्पू शेलके, संतोष बोबडे, डॉ. सुनील जाधव, बालासाहेब देशमुख, नासेर शेख, सैयद अनवर, सतार पटेल समेत बड़ी संख्या में अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे.
10 सितबर 2025





