परभणी नगर निगम में अवैध पदोन्नतियां रद्द करें, अन्यथा आंदोलन की चेतावनी
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परभणी (प्रतिनिधि) नगर निगम अधिकारी संघ, स्वधाता कर्मचारी संघ और लोकश्रेय मित्र मंडल ने प्रशासकीय आयुक्त नितिन नार्वेकर को एक याचिका प्रस्तुत कर परभणी नगर निगम के इंजीनियरों और अधिकारियों को दी गई कथित अवैध पदोन्नतियों को रद्द करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ये पदोन्नतियाँ रद्द नहीं की गईं तो वे लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे।छात्र संगठन ने अधिकारियों को दिए अपने बयान में कहा है कि 2005 के सरकारी निर्णय के अनुसार, अनुबंध

मानदेय पर काम करने वाले इंजीनियरों या कर्मचारियों को स्थायी नहीं किया जा सकता। फिर भी, सरकार को गुमराह करके कुछ इंजीनियरों को स्थायी कर दिया गया। आरोप है कि इस प्रक्रिया में स्थापना विभाग में अवैधानिक निर्णय, वित्तीय कुप्रबंधन और अनियमितताएँ हुई हैं। संगठनों ने उपायुक्त बबन तलवी पर पद का दुरुपयोग, महिला कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार और पैसे मांगने के गंभीर आरोप लगाए हैं और उनका कार्यभार कम करने की भी माँग की है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है। बताया गया कि पदोन्नति प्रक्रिया में अधिसंख्य पद, गोपनीय रिपोर्ट, आरक्षण बिन्दुवार नियम, परीक्षा प्रमाण पत्र, भाषा प्रमाण पत्र आदि दस्तावेज पूरे नहीं किए गए हैं। नगर पालिका की वित्तीय स्थिति खराब होने या अभावों के कारण हर महीने लगभग 1 से 1.5 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ रहा है। जब सेवानिवृत्त और नियमित कर्मचारियों का वेतन और पेंशन बकाया है, तब मानदेय पर इंजीनियरों को रखने की इतनी जल्दी क्यों है, यह मुद्दा प्रेस संगठनों ने उठाया। लोकोय मित्र मंडल के अध्यक्ष और पत्रकार सलीम इनामदार,नगर निगम अधिकारी एवं कर्मचारी संघ के अध्यक्ष के. आंधले, शहर अध्यक्ष नमेर खान सहित अन्य ने इस पोस्ट को निरस्त करने की तत्काल जांच की मांग की। अन्यथा, संगठनों ने भूख हड़ताल, धरना और प्रदर्शन के माध्यम से लोकतंत्र के लिए जन आंदोलन बनाने की चेतावनी दी है।
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