महाराष्ट्र

अहेरी के ताटीगुड़म में 6 माह से कुएं से निकल रहा गर्म पानी, जांच के लिए पहुंचा प्रशासन

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आदिवासी बहुल और नक्सल प्रभावित अहेरी तहसील मुख्यालय से 40 किमी दूर ग्राम ताटीगुड़म में लोगों को आश्र्चचकित करने वाली एक घटना सामने आयी है। यहां के किसान कटकू सत्यांना के खेत में वर्षा पुराने एक कुएं से पिछले 6 महीने से गर्म पानी निकल रहा है। यह पानी इतना गर्म हैं कि, इसका उपयोग करने के लिए इसमें थंडा पानी मिलाना पड़ रहा है। कुछ लोगों द्वारा इसकी जानकारी तहसील प्रशासन तक पहुंचायी गयी। जिसके बाद गुरुवार को

तहसील प्रशासन के अधिकारियों के निर्देश पर स्थानीय पटवारी ने ताटीगुड़म पहुंचकर गर्म पानी के कुएं की पुष्टि की। इस गर्म पानी के कुएं को देखने के लिए अब ताटीगुड़म गांव में लोगों की भीड़ हो रही है। कुएं से गर्म पानी निकलने की खबर मुहल्ले, गांव से होकर तहसील के बाद पूरे जिले में पहुंच गई। जिससे यह कुआं अहेरी उपविभाग में चर्चा का विषय बनता जा रहा है। गुरुवार, 4 सितंबर को स्थानीय नागरिकों ने इस गर्म कुएं से गर्म पानी निकलने की जानकारी स्थानीय प्रशासन को देने के बाद प्रशासन से गर्म पानी निकलने के कारण तलाशने का कार्य शुरू किया है। इस बीच आस-पास के गांवों के नागरिक भी अब इस गर्म पानी के कुएं को देखने गांव में पहुंचने लगे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ताटीगुड़म गांव निवासी कटकू सत्यांना का गांव से सटकर खेत है। इस खेत में उन्होंने वर्षों पूर्व एक कुआं बनाया था। इसी कुएं के पानी से फसलों की सिंचाई की जाती। साथ ही घरेलू उपयोग के लिए भी इसी कुएं का पानी इस्तेमाल किया करता था। मात्र 6 माह पूर्व इस कुएं से गर्म पानी निकलने लगा। शुरुआत में उन्होंने इस बात की जानकारी किसी भी व्यक्ति को नहीं दी। कटकू का पूरापरिवार इसी गर्म पानी से नहाता और इसका रोजमर्रा के लिए उपयोग करता। लेकिन धीरे-धीरे ताटीगुड़म गांव के लोगों को भी गर्म पानी के इस कुएं की जानकारी मिली। गांव के लोगों ने भी इस पानी का उपयोग नहाने के लिए करना शुरू किया। पिछले 6 माह से इस गर्म पानी का उपयोग निरंतर रूप से किया जा रहा हैं, लेकिन इससे कोई गलत असर लोगों में नहीं हुआ है। जिसके कारण लोगों में यह गर्म पानी आश्चर्य और कुतूहल का विषय बनता जा रहा है। अब धीरे-धीरे इस गर्म पानी के कुएं की जानकारी अन्य गांवों के लोगों तक भी पहुंचने लगी है

(मिर्जा इद्रीस बेग)

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